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Floating poop causes: आपने कभी ध्यान दिया है कि आपका पाखाना कभी-कभी टॉयलेट में डूबने के बजाय तैरने लगता है? अगर हां, तो यह बिल्कुल सामान्य है. कई लोग ऐसा नोटिस करते हैं और सोचते हैं कि कहीं यह कोई समस्या तो नहीं. दरअसल, टॉयलेट में आपका मल कैसे व्यवहार कर रहा है, उससे आपके पाचन से जुड़ी कुछ बातें पता चल सकती हैं. आम तौर पर पाखाना इसलिए नीचे बैठ जाता है क्योंकि उसका वजन पानी से ज्यादा होता है. लेकिन कभी-कभी उसमें गैस ज्यादा बन जाती है या उसमें फैट ठीक से पच नहीं पाता, जिसकी वजह से वह हल्का होकर तैरने लगता है. कभी-कभार ऐसा होना बिल्कुल नुकसानदायक नहीं है. कई बार ज्यादा फाइबर वाला खाना, दालें, चने-राजमा, पत्ता गोभी, सोडा जैसे गैस बनाने वाले पदार्थ खाने के बाद ऐसा होता है. लेकिन अगर मल बार-बार तैरने लगे, वह ज्यादा चिपचिपा हो, बदबू तेज हो या पेट में तकलीफ भी हो, तो यह पाचन संबंधी समस्या का संकेत हो सकता है, जैसे कि मालऐब्सॉर्प्शन. चलिए आपको बताते हैं कि इससे क्या-क्या पता चलता है. स्टूल तैरेगा या डूबेगा, यह किन चीजों पर निर्भर? सामान्य और स्वस्थ स्टूल आमतौर पर टॉयलेट में नीचे जाता है. इसमें पानी, अनपचा खाना, बैक्टीरिया और थोड़ी-सी फैट होती है. इसलिए यह पानी से भारी होता है. लेकिन जब इसमें गैस ज्यादा बन जाए या फैट पच न पाए, तो यह हल्का हो जाता है और तैरने लगता है. एक रिसर्च में पाया गया कि जिन लोगों को IBS होता है, खासकर जिनमें कब्ज और दस्त दोनों आते रहते हैं, उनमें तैरते हुए मल की समस्या ज्यादा देखी गई. तैरते हुए मल के सामान्य कारण ज्यादातर मामलों में चिंता की जरूरत नहीं होती. इसके पीछे खाने-पीने की आदतें होती हैं, इनमें गैस बनाने वाले खाने जैसे राजमा, चना, दालें, गोभी, ब्रोकली और सोडा वगैरह. दूसरे नम्बर पर ज्यादा फाइबर खाना जिसमें अचानक फाइबर बढ़ाने पर स्टूल हल्का हो सकता है और तीसरे नम्बर पर ज्यादा तैलीय भोजन कभी-कभी ज्यादा चिकनाई खाने से भी मल तैरने लगता है. ये सब अस्थायी वजहें हैं और कुछ समय बाद खुद ही ठीक हो जाती हैं. कब चिंता की जरूरत? अगर मल बार-बार तैर रहा हो, साथ में ये लक्षण हों, जैसे मल का ज्यादा चिपचिपा या चिकना होना, बहुत बदबू आना, पेट में दर्द, वजन कम होना, तो यह पोषक तत्व सही से न पचने की निशानी हो सकती है. फैट न पचना- मल तैलीय, चिपचिपा और बहुत बदबूदार होता है कार्ब्स न पचना- मल ढीला, नरम या फूला हुआ हो जाता है कई बार सीलिएक डिजीज, क्रोहन डिजीज, आंतों के इंफेक्शन या बैक्टीरिया की बढ़ोतरी की वजह से शरीर खाना अच्छे से सोख नहीं पाता. इसे भी पढ़ें: Eyelash Lice Case Gujarat: गुजरात की इस महिला की पलकों में 250 जुओं ने बनाया घर, जानें इससे कैसे मिली निजात? Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह…
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